Headquarters
The Energy and Resources Institute (TERI)
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आज वर्ल्ड वेटलैंड्स डे है। दुर्लभ, लुप्तप्राय प्रजातियों, बाढ़ नियंत्रण, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव को कम करने में वेटलैंड्स का बड़ा महत्व है लेकिन बढ़ते शहरीकरण, बाँध निर्माण, जलाशयों में अपशिष्ट के प्रवाह के कारण ये वेटलैंड नष्ट हो रहे हैं।
पेयजल आपूर्ति में भारत का अनुभव नया नहीं है। जल जीवन मिशन कार्यक्रम से पहले, ग्रामीण घरों में पेयजल आपूर्ति प्रणाली के प्रावधान में एक बड़ी राशि खर्च की गई थी। 'जल जीवन मिशन' के लिए वित्त वर्ष 2020-21 के बजट में 11,500 करोड़ रुपये रुपए आवंटित किए हैं। इस कार्यक्रम को एक बड़ी सफलता बनाने के लिए कुछ महत्वपूर्ण मुद्दों को जल्द हल किया जाना चाहिए।
सालों पुराने तालाब कूड़े के ढेर में तब्दील हो रहे थे। लेकिन इन सिकुड़ते तालाबों को टेरी और यूबियल ने मिलकर सामुदायिक सहभागिता से पुनर्जीवित किया है। सबकी भागीदारी से ये तालाब अब पानी से लबालब भर गए हैं। घटते भूजल स्तर के लिए एक तालाब का बड़ा महत्व है। इस तरह के प्रयास जारी रहने चाहिए।
जल संसाधन सीमित और दुर्लभ हैं। पानी घट रहा है और साल 2050 तक यह कमी एक बड़ा संकट बन सकती है। ऐसे में हमें वर्षा जल संचयन जैसे जल संरक्षण के स्थायी तरीकों को अपनाना चाहिए। वर्षा जल संरक्षण न सिर्फ मैदानी बल्कि पहाड़ी इलाकों के लिए भी ज़रूरी है।
During COVID-19 lockdown, a study was conducted by TERI to observe the metals/heavy metal concentration in the Yamuna River.
अभी ग्रामीण घरों में पाइप से पानी की आपूर्ति लगभग 18% है और जल जीवन मिशन में इसे 100% तक पहुंचाने का लक्ष्य है। पिछले साल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस 2019 के अवसर पर देश के सभी घरों को पाइप के द्वारा जल उपलब्ध करवाने के लिए “जल जीवन मिशन” की घोषणा की थी। इसके लिए केंद्र और राज्य मिलकर काम करेंगे। घरों तक नल के माध्यम से जल पहुंचाने की इस महत्त्वाकांक्षी परियोजना पर 3.60 लाख करोड़ रुपये लागत आने का अनुमान है, जिसमें केंद्र सरकार 2.08 लाख करोड़ रुपये अंशदान देगी। 'जल जीवन मिशन' के लिए वित्त वर्ष 2020-21 के बजट में 11,500 करोड़ रुपये रुपए आवंटित किए हैं।
The available water resources in the hills should not be taken for granted and the urgency of caution with regard to the exploitation of water – a critical resource – must not be underplayed.
- 20 देशों के प्रतिनिधि आएंगे साथ एक ही मंच पर - वायु प्रदूषण, ई-गतिशीलता, नवीकरणीय ऊर्जा, ऊर्जा दक्षता, हरित वित्त, नीली अर्थव्यवस्था, टिकाऊ खपत, कई मुख विषयों पर होगी चर्चा। - सतत विकास में योगदान की होगी पहचान, सस्टेनेबल डेवलपमेंट लीडरशिप अवार्ड से नवाज़ा जाएगा।
हम एक ऐसे भविष्य की तरफ बढ़ रहे हैं जहाँ पानी की समस्या गंभीर रूप ले लेगी। पानी की गुणवत्ता में गिरावट, जल स्तर में कमी, भूजल का अधिक दोहन गंभीर भविष्य की और इशारा कर रहे हैं। बहुत ज़रूरी है कि हम अपने जल संसाधनों की सुरक्षा और प्रबंधन करें ताकि सभी लोगों को पानी मिल सके।
A scheme in Punjab delivers direct monetary benefit to farmers for using agricultural pumps more efficiently