Headquarters
The Energy and Resources Institute (TERI)
Darbari Seth Block, Core 6C,
India Habitat Centre, Lodhi Road,
New Delhi - 110 003, India
More than one-third of the world’s 100 cities with the highest levels of air pollution (PM10) are located in India. Air pollution is the leading risk factor for early death and disability in India and hence a key area of scientific research. Long-term exposure to air pollution can be fatal and can cause health conditions such as heart diseases, stroke, respiratory infections and lung cancer.
A well-designed demand side management action plan helps power distribution companies understand consumer load and meet rising electricity demand without compromising customer service.
There is a need for formulation and adoption of adequate health and sanitization guidelines for public transport and freight services. The proposed solutions – low-cost, medium cost and high cost – for the state governments, local authorities and transport operators will have a considerable bearing on health and safety, accessibility, economy and environment.
"विश्व महामारी के दौर से गुज़र रहा है। इस संक्रमण को रोकने के लिए सोशल डिस्टैन्सिंग पर ज़ोर दिया जा रहा है। इसके लिए सरकारों को लॉकडाउन करना पड़ा। समस्या न सिर्फ़ कोरोनावायरस के इंसान से इंसान से फैलने की है बल्कि इस वायरस की कड़ी को तोड़कर इसको जल्द से जल्द ख़त्म करने की भी है और इसमें ठोस अपशिष्ट प्रबंधन का बड़ा ही महत्व है। और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन में कोरोना संक्रमित बायोमेडिकल वेस्ट एक चुनौती बन गया है।
Getting sustainable mobility right can help reduce traffic congestion and air pollution in cities. Sustainable mobility gives preference to moving people over vehicles and thus involves a relook at how we perceive public transport and commuting options.
2018 में भारतीय शहरों से हर दिन लगभग 1,61,304 टन नगरपालिका ठोस कचरा (MSW) पैदा हुआ। इसमें से लगभग 52 प्रतिशत, लगभग 83720 टन, जैविक कचरा है जिसमें बचा हुआ भोजन, रसोई का कचरा, उद्यान और बागवानी कचरा इत्यादि शामिल है। जब यह कचरा डंपसाइट्स पर जाता है तो इस कचरे के सड़ने से मीथेन और कार्बन डाइऑक्साइड जैसी ग्रीनहाउस गैसें (GHG) निकलती हैं ये गैसें ग्लोबल वॉर्मिंग के लिए बहुत ही खतरनाक हैं और साथ ही ये गैसें आस पास के लोगों के लिए बीमारियां पैदा करती हैं। तो क्यों न अपने आस पास के लोगों का ख्याल रखें और घर पर ही इस कचरे से खाद बनाना शुरू कर दें। घर पर खाद बनाने के लिए किसी ख़ास ट्रेनिंग और स्किल की
दिल्ली में वायु प्रदूषण इस साल इस कदर बढ़ा कि इसे स्वास्थ्य आपातकाल घोषित करना पड़ा। वायु प्रदूषण के मद्देनज़र दिल्ली के लोगों के लिए एडवाइजरी जारी की गयी। वायु प्रदूषण के हल हैं लेकिन उसके परिणाम हमें तत्काल नहीं मिल सकते। अगर कुछ तरीकों को अपनाएं तो इस प्रदूषित हवा से हम खुद को बचा सकते हैं।
सरकार ने जनवरी 2019 में पंच वर्षीय राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (NCAP) की शुरुआत की, जिसमें 2017 को आधार वर्ष मानकर PM2.5 और PM10 को 20-30 प्रतिशत घटाने का लक्ष्य रखा गया था। द एनर्जी एंड रिसोर्सेज इंस्टीट्यूट (TERI) के वायु गुणवत्ता डेटा के हालिया विश्लेषण से यह पता चलता है कि इस दिशा में सकारत्मकता नज़र आ रही है, लेकिन राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम को मज़बूत करने के लिए कई उपायों की आवश्यकता है। टेरी ने एनसीएपी की महत्वकाँक्षा को और आगे बढ़ाने के लिए सिफारशें प्रस्तुत की हैं. भारत की हवा को साफ़ करने के लिए 10 सुझाव वाले एक्शन प्लान के बिंदु निचे दिए गए हैं|
भारत संसाधनों के उपभोग में चीन के बाद दूसरे स्थान पर है। दुनिया के बाकी हिस्सों की तुलना में, इसकी रीसाइक्लिंग दर कम है और संसाधन का इस्तेमाल बहुत अधिक है। बढ़ती अर्थव्यवस्था के साथ, भारत का संसाधन उपयोग एक ऐसे स्तर पर पहुँच जाएगा जहाँ इसे बनाए रखना चुनौती होगा और इसी के साथ हमारी आयात पर निर्भरता बढ़ेगी, मटेरियल का अधिक इस्तेमाल होगा और कूड़े का ढेर बढ़ेगा। इन मुद्दों को हल करने में एक एकीकृत संसाधन दक्षता नीति मदद कर सकती है। TERI ने भारत सरकार को एक राष्ट्रीय संसाधन दक्षता नीति के लिए एक
Pollution levels have spiralled in Delhi following which a health emergency has been declared in the Capital. In view of the 'severe' level of air pollution, Delhi Pollution Control Committee has issued a list of advisory. Read on to know more.