Publications

नए प्लास्टिक नियमों के ठोस निष्पादन से हो सकता है कचरा प्रबंधन में सुधार

Article
| November 10, 2021

सरकार की इतनी बड़ी मात्रा में जमा हो रहे कचरे से निपटने की प्रतिबद्धता का पता प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2016 से चलता है जिसमें सरकार ने अगस्त 2021 में तीसरी बार संशोधन किया है। अगस्त 2021 में भारत सरकार द्वारा किए गए संशोधन से यह पता लगता है कि भारत इस मुद्दे का समाधान खोजने के लिए नए-नए प्रयास कर रहा है। हालांकि इस मामले में राजनीतिक सहमति के साथ-साथ नीतिगत हस्तक्षेपों के नतीजे सकारात्मक रहे हैं, लेकिन नीतियों का जमीनी स्तर पर निष्पादन अब भी एक बड़ी चुनौती बना हुआ है।

Green Strategy for India: Renewables Must be the Backbone of Any National Effort

Article
| November 9, 2021

India has vast reserves of minerals, which are important for its industrial and economic growth; alongside the sector being one of the largest employers in the country. Biba Jasmine discusses how non-renewable minerals that are limited in nature and whose unsustainable extraction causes imbalance can potentially be placed for better environmental protection and preservation.

A Critical Analysis of Article 4.19 of the Paris Agreement

Article
| November 2, 2021

While there is a growing narrative by countries to include adaptation within their long-term strategies (LTS), however such narratives have not translated into a very high-level of integration with concrete 'formulation' and 'communication'.

प्राकृतिक खेती: बढ़ती आमदनी और खुशहाल किसान

Article
| October 29, 2021

उत्पादन और मूल्य प्राप्ति दोनों में अनिश्चितता की वजह से किसान उच्च लागत वाली कृषि के दुष्चक्र में फंस गया है। लगातार गिरता उत्पादन और बढ़ती बीमारियां कृषि क्षेत्र की जटिलताओं को और बढ़ा रही हैं। इस परिस्थिति से किसानों को निकालने और उनके दीर्घकालिक कल्याण के लिए प्राकृतिक खेती की तरफ रुख करने के सकारात्मक परिणाम मिल रहे हैं

Emerging Role of Blue Finance in the Asia-Pacific Region

Policy brief
| October 29, 2021

The policy brief critically examines pathways in which the funding gap for implementing SDG 14 targets can be bridged, using tools such as well-defined regulatory framework and collective partnership.

Policy and Technology Perspectives in India

Article
| October 20, 2021

Innovation and technology have the potential to transform the electricity sector. Digitalization has had a major impact in the power system operation. Termed as 'smart grid', it brought in efficiency and optimization at the generation, transmission, and distribution levels. In this article, Pankaj Batra discusses how digitalization can help distribution system operators and suggests that the technology needs to be placed at the hands of the distribution system operator so that the problems can be rectified and streamlined.

पराली प्रदूषण - सटीक नीति से होगा हल

Article
| October 7, 2021

- उपयुक्त कम पानी वाली फसलों को बढ़ावा देकर धान की अंधाधुंध खेती पर लगाम लगाई जा सकती है - धान की ऐसी प्रजातियों को प्रोत्साहित करें जो समय और पानी दोनों कम लेती हैं - ऐसी कंबाइन हार्वेस्टर मशीनें विकसित की जाएं जो धान निकालते वक्त पराली भी खेत से हटा लें तो पराली किसानों के लिए अतिरिक्त आय का साधन हो सकता है

India's Tryst with Natural Disasters - Environmental Laws Should Be Strictly Implemented

Article
| October 7, 2021

In the first few decades since Independence, disaster response in India was traditionally concerned with relief and rehabilitation during the post-disaster period. It was only following the 1999 Odisha super cyclone and the 2001 Bhuj earthquake that disaster management in India came into maturity. In this article, Dr Rina Mukherji traces the growth of disaster response and its evolution in India, over the years.

गुरुग्राम के सिकुड़ते तालाबों के लिए बहुआयामी दृष्टिकोण ज़रूरी

Article
| September 29, 2021

2025 तक गुरुग्राम की पानी की आवश्यकता 874.3 मिलियन लीटर प्रतिदिन तक पहुंच सकती है और ये आवश्यकता 2007 की तुलना में लगभग तीन गुना अधिक है। पानी की ज़रूरत बढ़ेगी लेकिन साथ ही खबर ये भी है कि इस शहर के जल निकाय खतरनाक स्तर पर सिकुड़ रहे हैं। इसके कारण कई हैं, जैसे - बिल्डरों के अतिक्रमण, सीवेज की डंपिंग, गाद और निर्माण कचरा और इसकी वजह से 55.2 (2007 में) किमी2 से 2025 तक जल निकाय 0.42 किमी2 तक सिकुड़ने का अनुमान है।

Supporting India on SDG 12 Monitoring and Reporting: A Critical Appraisal

Research Paper
| September 24, 2021

SDG 12 on responsible and sustainable consumption and production is a lesser understood goal among all SDGs. Considering the crucial importance of putting in place a robust indicator framework for monitoring, reporting and implementation of SDG 12, this paper is a critical appraisal of ‘what is’ and 'what can be'.